हमारा आत्मिक जीवन इनसे नहीं पता चलता जैसे:-
1•◆ प्रचार करने
2•◆ वचन पोस्ट करने
3•◆ रोज वचन लिख के भेजना
4•◆ worship आराधना करना
5•◆ Comment में आमेन, या PRAISE THE LORD, लिखना।
6•◆ रोज चर्च जाना।
7•◆ बाइबल रोज पढ़ना।
8•◆ प्रार्थना करना, प्रार्थना जाना।
9•◆ धर्म के काम करना
10•◆ दान देना
इस से हमारा आत्मिक जीवन सही चल रहा, जरूरी नहीं, इससे हमारा आत्मिक जीवन का पता नहीं चलता। इन कामों को देख के धोखा भी खा सकते हैं।
हमारे आत्मिक जीवन के बारे इन बातों से पता चलता है, जैसे:-
1 ★ हमारे मन में शांति होगा।
2 ★ हमारा Satisfaction (सन्तुष्टि) से पता चलता।
3 ★ जितना ज्यादा धीरज और सयंम।
4 ★ सारे मन से प्रभु यीशु की ओर फिरा हुआ होगा।
5 ★ संसार की चीजों में उनका मन नहीं लगा रहेगा।
6 ★ प्रेम होगा।
7 ★ यीशु पर पूरा विश्वास, भरोसा रहेगा।
8 ★ अपने को छोटा बनाने का गुण होगा,
9 ★ नम्रता, दीनता होगा।
10★ सहने और बर्दाश्त करने का गुण होगा।
11★ धीरज, सयंम करनेवाला रहेगा।
12★ क्षमा करने का गुण रहेगा।
13★ लड़ाई झगड़ा नहीं करेगा।
14★ वचन पर खराई से चलेगा।
15★ प्रभु को 1 पहला स्थान देगा।
26★ परिवार की चिंता करेगा।
27★ प्रार्थना और बाईबल को महत्त्व देगा।
28★ सच्चा होगा, सत्य बोलेग और सत्य पर चलेगा।
29★ पवित्र आत्मा की अगवाई में चलेगा।
30★ यीशु मसीह पर आश्रित (Depend) रहेगा।
31★ उसका मकसद और मन साफ रहेगा।
32★ गिरेगा तो वह फिर ऊठ भी जाएगा।
33★ पवित्र आत्मा के साथ रिश्ता, उनसे बात होना।
34★ हमारा मन में और मुँह में बुरी बातें नहीं होगा।
35★ घमण्ड नहीं रहेगा।
36★ स्वार्थी नहीं होगा।
37★ लालची नहीं होगा।
38★ दूसरों की चिंता करनेवाला स्वभाव होगा।
39★ दिखावा का जीवन नहीं होगा।
40★ दूसरों के प्रार्थना करेगा।
41★ प्रभु के लिए पूरा जीवन समर्पित होगा।
42★ नशा से दूर रहेगा।
43★ गाली देनेवाला नहीं होगा।
44★ दोरंगी जीवन जीनेवाला नहीं होगा।
45★ भोग विलास में नहीं रहेगा।
46★ धोखादेनेवाला नहीं होगा।
47★ उन्हें वचन का ज्ञान होगा।
48★ अनुग्रह करनेवाला होगा।
49★ पवित्र जीवन जीयेगा।
अपने आप को बचाये, तब अपने परिवार और दूसरों को भी बचा पायेंगे।
यीशु मसीह के जैसे स्वभाव रखें। (PHILIPPIANS फिलिप्पियों 2:5)
1•◆ प्रचार करने
2•◆ वचन पोस्ट करने
3•◆ रोज वचन लिख के भेजना
4•◆ worship आराधना करना
5•◆ Comment में आमेन, या PRAISE THE LORD, लिखना।
6•◆ रोज चर्च जाना।
7•◆ बाइबल रोज पढ़ना।
8•◆ प्रार्थना करना, प्रार्थना जाना।
9•◆ धर्म के काम करना
10•◆ दान देना
इस से हमारा आत्मिक जीवन सही चल रहा, जरूरी नहीं, इससे हमारा आत्मिक जीवन का पता नहीं चलता। इन कामों को देख के धोखा भी खा सकते हैं।
हमारे आत्मिक जीवन के बारे इन बातों से पता चलता है, जैसे:-
1 ★ हमारे मन में शांति होगा।
2 ★ हमारा Satisfaction (सन्तुष्टि) से पता चलता।
3 ★ जितना ज्यादा धीरज और सयंम।
4 ★ सारे मन से प्रभु यीशु की ओर फिरा हुआ होगा।
5 ★ संसार की चीजों में उनका मन नहीं लगा रहेगा।
6 ★ प्रेम होगा।
7 ★ यीशु पर पूरा विश्वास, भरोसा रहेगा।
8 ★ अपने को छोटा बनाने का गुण होगा,
9 ★ नम्रता, दीनता होगा।
10★ सहने और बर्दाश्त करने का गुण होगा।
11★ धीरज, सयंम करनेवाला रहेगा।
12★ क्षमा करने का गुण रहेगा।
13★ लड़ाई झगड़ा नहीं करेगा।
14★ वचन पर खराई से चलेगा।
15★ प्रभु को 1 पहला स्थान देगा।
26★ परिवार की चिंता करेगा।
27★ प्रार्थना और बाईबल को महत्त्व देगा।
28★ सच्चा होगा, सत्य बोलेग और सत्य पर चलेगा।
29★ पवित्र आत्मा की अगवाई में चलेगा।
30★ यीशु मसीह पर आश्रित (Depend) रहेगा।
31★ उसका मकसद और मन साफ रहेगा।
32★ गिरेगा तो वह फिर ऊठ भी जाएगा।
33★ पवित्र आत्मा के साथ रिश्ता, उनसे बात होना।
34★ हमारा मन में और मुँह में बुरी बातें नहीं होगा।
35★ घमण्ड नहीं रहेगा।
36★ स्वार्थी नहीं होगा।
37★ लालची नहीं होगा।
38★ दूसरों की चिंता करनेवाला स्वभाव होगा।
39★ दिखावा का जीवन नहीं होगा।
40★ दूसरों के प्रार्थना करेगा।
41★ प्रभु के लिए पूरा जीवन समर्पित होगा।
42★ नशा से दूर रहेगा।
43★ गाली देनेवाला नहीं होगा।
44★ दोरंगी जीवन जीनेवाला नहीं होगा।
45★ भोग विलास में नहीं रहेगा।
46★ धोखादेनेवाला नहीं होगा।
47★ उन्हें वचन का ज्ञान होगा।
48★ अनुग्रह करनेवाला होगा।
49★ पवित्र जीवन जीयेगा।
अपने आप को बचाये, तब अपने परिवार और दूसरों को भी बचा पायेंगे।
यीशु मसीह के जैसे स्वभाव रखें। (PHILIPPIANS फिलिप्पियों 2:5)
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